Thursday, 26 October 2017

3. बच्चों में वायरल इनफेक्शन की समस्या


** बच्चों में वायरल इनफेक्शन की  समस्या **


गैलरी फोटो 
वायरल इनफेक्शन क्या है?
मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरे बच्चे को वायरल बुखार है?
मैं अपने बच्चे को वायरल बुखार से कैसे बचा सकती हूं?
मैं अपने शिशु को स्वस्थ होने मे कैसे मदद  कर सकती हूं?अगर शिशु को वायरल बुखार है, तो कौन से गंभीर संकेतों पर मुझे ध्यान देना चाहिए?
विषाणुजनित संक्रमण और जीवाणुजनित संक्रमण में क्या अंतर है?

वायरल इनफेक्शन क्या है?

वायरल इनफेक्शन यानि विषाणुजनित संक्रमण विषाणुओं (वायरस) की वजह से होते हैं।

वहीं, जीवाणुजनित संक्रमण यानि बैक्टीरियल इनफेक्शन का कारण जीवाणु (बैक्टीरिया) होते हैं और ऐसे संक्रमणों का उपचार एंटीबायटिक दवाओं से किए जाने की जरुरत होती है।

सबसे आम वायरल बुखार मौसमी फ्लू या इनफ्लूएंजा होता है। मगर बच्चे आसानी से हल्के वायरल इनफेक्शन की चपेट में भी आ सकते हैं।

बहुत से अलग-अलग तरह के विषाणु हैं, जो आपके शिशु को बीमार बना सकते हैं। ये संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से फैलते हैं। ये विषाणु शारीरिक संपर्क से भी फैल सकते हैं, जैसे कि विषाणु संक्रमित हाथों के जरिये।

जब वायरल संक्रमण काफी आम होते हैं, जैसे कि मौसमी बदलाव के दिनों में, तो उस दौरान ये विषाणु वायु संचार प्रणाली (एयर वेंटिलेशन सिस्टम) के जरिये भी फैल सकते हैं।

बच्चों में वायरल बुखार के लक्षण दिखने के बाद 10 दिनों तक यह संक्रमण काफी संक्रामक हो सकता है। हालांकि, कुछ लक्षण दो हफ्तों तक भी जारी रह सकते हैं। दो साल से कम उम्र के बच्चों में वायरल बुखार से जुड़ी जटिलताएं पैदा होने का खतरा ज्यादा रहता है। 

वायरल बुखार कई तरह के होते हैं। यदि शिशु को वायरल फ्लू (इनफ्लूएंजा) होता है, तो इसका उपचार न कराने पर यह निमोनिया जैसी जटिलताओं का कारण बन सकता है।

वायरल बुखारों या वायरल फ्लू के उपचार में सिर्फ बुखार, खांसी और जुकाम के लक्षणों को नियंत्रित करना होता है। ऐसी कोई दवा नहीं है, जो वायरल संक्रमण को ठीक कर सके। मगर, लक्षणों के अनुसार यह उपचार आपके शिशु को राहत देने में मदद कर सकता है। शिशु को अगर फ्लू (इनफ्लूएंजा) है, तो यह उपचार इसे आगे किसी जटिलता में तब्दील होने से रोकता है।

मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरे बच्चे को वायरल बुखार है?

आमतौर पर वायरल बुखार का पहला लक्षण ठंड लगना होता है। 100 से 103 डिग्री फेरन्हाइट बुखारहोना ए​क अन्य शुरुआती लक्षण है। वायरल बुखार से संक्रमित बच्चे को अक्सर पूरे शरीर में दर्द होता है, खासकर कि पीठ और टांगों में। वायरल संक्रमण अलग-अलग प्रकार के होते हैं और लक्षण भी शायद इस बात पर निर्भर करेंगे कि आपके शिशु को कौन से विषाणु से संक्रमण हुआ है। उसे निम्नांकित में से कोई एक या इससे ज्यादा लक्षण भी हो सकते हैं:
खांसीजुकामगले में दर्दनाक बहना या नाक बंद होनासिरदर्दठंठ लगना या ठिठुरन होनाथकानमिचलीउल्टीदस्त (डायरिया)पेट में दर्द

मैं अपने बच्चे को वायरल बुखार से कैसे बचा सकती हूं?

अगर आपके बच्चे की उम्र छह महीने से लेकर दो साल के बीच है, तो आप उसे फ्लू के खिलाफ प्रतिरक्षा के लिए सालाना टीका लगवा सकती हैं। इस बारे में अपने डॉक्टर से पूछें। यह टीका शिशु को कुछ सबसे आम विषाणुओं के खिलाफ प्रतिरक्षित करेगा और किसी भी जटिलता को होने से रोकेगा 
यह बात ध्यान रखें कि फ्लू के टीके में केवल दो या तीन तरह के विषाणु ही होते हैं। इसलिए यह आपके शिशु को केवल इन्हीं दो या तीन विषाणुओं से सुरक्षित करता है। आपके शिशु को अब भी किसी दूसरे विषाणु से वायरल फ्लू हो सकता है।

बहरहाल, यह टीका हर साल बनाया जाता है, ताकि यह उस साल फैल रहे सबसे आम विषाणुओं के खिलाफ शिशु को प्रति​रक्षित कर सके। इसीलिए यह एक ऐसा टीका है, जिसे हर साल लगवाने की जरुरत होती है।

आप निम्नांकित बातें ध्यान में रखें:

अपने बच्चे को बीमार व्यक्ति से दूर रखने का प्रयास करें। सभी को खांसते या छींकते समय टिशू के इस्तेमाल के लिए कहें। इससे रोगाणुओं को फैलने से रोका जा सकता है। अगर, परिवार के किसी सदस्य या फिर कामवाली को दस्त (डायरिया) या उल्टी है, तो सुनिश्चित करें कि वे साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें।अपने और बच्चे के हाथ अक्सर साबुन से धोती रहें, ताकि विषाणु की चपेट में आने से बचें।मौसम में बदलाव के दौरान वायरल संक्रमण सबसे आम होते हैं, इसलिए साल के ऐसे समय विशेष ध्यान रखें।

मैं अपने शिशु को स्वस्थ होने मे कैसे मदद  कर सकती हूं?

पर्याप्त पेय पदार्थ दें-
बुखार, दस्त, उल्टी या सर्दी-जुकाम के दौरान बच्चे में पानी की कमी हो जाती है। अगर आप अभी भी शिशु को स्तनपान कराती हैं, तो उसे अपनी मर्जी के अनुसार स्तनपान करने दें। आप क्लिनिक या अस्पताल से ओआरएस (ओरल रीहाइड्रेशन साल्ट्स) का घोल भी ला सकती हैं। यह आपके बच्चे को वे सभी पोषक तत्व प्रदान करेगा, जो उसने संक्रमण के दौरान खोए हैं। अगर, आपका शिशु केवल स्तनपान ही करता है, तो भी आप उसे ओआरएस का घोल दे सकती हैं।


विशेष भोजन
अगर आपके शिशु की उम्र छह महीने से ज्यादा है, तो उसे मुलायम, पतले भोजन जैसे की सूप, दाल और चीनी मिला दही दें। जैसे-जैसे शिशु थोड़ा ठीक होने लगे, तो उसे गाढ़े भोजन जैसे कि मसली हुई सब्जियां, खिचड़ी या दलिया देना शुरु कर सकती हैं। यहां और अधिक पढ़ें कि खांसी और बुखार से पीड़ित बच्चे को कैसा भोजन दिया जाए।

दवाई
अपने बच्चे को क्लिनिक या अस्पताल ले जाएं। डॉक्टर आपको जिंक टैब्लेट और यदि शिशु को दस्त हैं, तो ओआरएस दे सकते हैं। शिशु का बुखार कम करने के लिए वे आपको विशेष दर्द निवारक दवा भी दे सकते हैं।

घर में आराम
बच्चे को घर में एक अलग कमरे में शांति से आराम करने दें। संक्रमण के दौरान और इसके खत्म होने के कम से कम एक हफ्ते बाद तक उसे पूरा आराम करना चाहिए। यह उसे बीमारी से लड़ने और ठीक होने मे मदद करेगा। इससे वह परिवार के अन्य सदस्यों या बच्चों को संक्रमित करने से भी बचेगा।

बुखार कम करने का प्रयास करें
अगर आपके बच्चे को तेज बुखार है, तो आप हल्के गर्म पानी से उसका शरीर पौंछ सकती हैं। यह उसे तरोताजा बनाएगा और तापमान कम करने में भी मदद करेगा। बुखार कम करने के कुछ गैर चिकित्सकीय उपायों के बारे में यहां पढ़ें।

अपने हाथ धोएं
बच्चे को छूने से पहले और बाद में आप अपने हाथ अवश्य धोएं। इस तरह संक्रमण परिवार के अन्य सदस्यों तक फैलने से रोका जा सकता है।

उपचार
यदि आपके शिशु की तबियत अभी भी ठीक न लगे, तो डॉक्टर के पास जाएं। उनसे पूछें कि क्या कोई एंटीवायरल दवाई शिशु को दी जा सकती है।

घर की हवा बाहर निकलने दें
दिन में कम से कम एक बार खिड़कियां व दरवाजें खोलें, ताकि ताजी हवा अंदर आ सके। इससे हवा में फैले रोगाणुओं को हटाने में मदद मिलती है। अपने घर को हवादार, सूखा और साफ रखने से फफूंदी के संक्रमण को भी रोका जा सकता है। यहां पढ़ें कि अपने घर को फफूंदी मुक्त रखने के लिए आप क्या कर सकती हैं।

अगर शिशु को वायरल बुखार है, तो कौन से गंभीर संकेतों पर मुझे ध्यान देना चाहिए?

वायरल बुखार आमतौर पर गंभीर नहीं होता है, और सही उपचार से ठीक हो जाना चाहिए। मगर, यदि आपके शिशु में निम्नांकित कोई भी लक्षण दिखें, तो उसे तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं:
तीन हफ्तों से ज्यादा खांसीदो हफ्तों से ज्यादा दस्तमल में खून आनाएक हफ्ते या इससे ज्यादा देर बुखारदौरे पड़नाकुछ भी खाने-पीने से इंकारलगातार उल्टीसांस लेने में तकलीफअसामान्य उनींदापनदोनों पैरों में सूजन

विषाणुजनित संक्रमण और जीवाणुजनित संक्रमण में क्या अंतर है?

विषाणुजनित (वायरल) और जीवाणुजनित (बैक्टीरियल) दोनों ही संक्रमणों की वजह से बुखार, ठंड लगना और बेचैनी रहती है। इन दोनों में अंतर बताना मुश्किल हो सकता है। 

जीवाणुजनित संक्रमण में शरीर के किसी एक हिस्से में लाली, ताप, सूजन और दर्द रहता है। इसलिए, यदि आपके शिशु को जीवाणु की वजह से गले में दर्द है, तो उसे गले के एक हिस्से में ज्यादा दर्द होगा। जीवाणुजनित संक्रमण का उपचार सामान्यत: एक विशेष एंटीबायटिक से किया जाता है, जो केवल बीमारी पैदा करने वाले जीवाणु को मारता है।

वहीं दूसरी तरफ, विषाणुजनित संक्रमण में एक ही समय में शरीर के विभिन्न हिस्से चपेट में आते हैं। इसलिए, अगर आपके बच्चे को यह संक्रमण है, तो उसे खांसी, नाक बहना और शरीर में दर्द एक साथ हो सकता है।

विषाणुजनित संक्रमण जैसे कि जुकाम या फ्लू पर एंटीबायटिक्स का कोई असर नहीं होता। एंटीबायटिक्स दवाएं केवल ऐसे जीवाणुजनित संक्रमणों के लिए लें, जो अपने आप ठीक नहीं हो पा रहे हों।

विषाणुजनित संक्रमण के उपचार में सामान्यत: खूब सारा पानी और तरल पदार्थ पीना, आराम करना और दर्द निवारक व बुखार कम करने की दवा लेना शामिल है। 

अधिकांश विषाणुजनित संक्रमणों जैसे कि फ्लू, से लड़ने के लिए टीके होते हैं। वे विषाणु से जल्दी और प्रभावी तरीके से निपटने में शरीर की मदद कर सकते हैं।





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